आओ चलके एक उजाला खोजे
फिर से जीने का मसाला खोजे.

हाथ दे कर थाम भी ले ज़िंदगी
दुनिया घूम कर रखवाला खोजे.

टूट कर ऐसे ना बिखरती उम्मीदें
ताउम्र हम ऐसा मतवाला खोजे.

बंद हो जाए कुछ किस्से अकेले
चाभी भूलकर ऐसा ताला खोजे.

मिश्रा राहुल

0 Responses

टिप्पणी पोस्ट करें