जिसको समझा अपना
आज वो ही दगा दे गए.

आँखों में गम के आंसू 
आज मेरे अपने दे गए.

अपने दिल की लगी में
वो मेरे दिल को तोड़ गए.

मेरे सारे अरमान को
वो आंसूओं में भिगो गए.

जिनको था गले लगाया
आज वो ही जुदा हो गए.

मेरे दिल के टुकड़े अपने
पैरों से वो कुचल गए.




संजय कुमार गिरि
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