जनवरी की इक रात उससे हुई
वो पहली मुलाक़ात याद है !
फरवरी की इक रात उससे
प्यार का इज़हार करना याद है !!
मार्च की रातों में उसका वो हाथों में हाथ
डाले सूनी सड़कों पर घूमना याद है !
अप्रैल की रातों में किये थे उसने जो वादे,
वो वादे मुझे याद है !!
मई की रातों में उसका मेरे गालों को
चूमने का अंदाज़ याद है !
जून की रातों में उसका
चुपके- चुपके मिलना याद है !!
जुलाई की रातों में उसका बेवजह रूठना
और मेरा उसको मनाना याद है !
अगस्त की जमकर बरसाती रातों में
उसका मेरा दिल तोडना याद है !!
सितम्बर की रातों में दोस्तों से अपना
गम छुपाना याद है !
अक्टूबर की रातों में मेरी आँखों से
बहते आंसू याद है !!
नवम्बर की रातों में केवल
उसी के सपने आना याद है !
दिसम्बर की रातों में मुझे
मेरी तनहाइयाँ याद है !!
तू ही बता ख़ुदा अब इस से ज्यादा
प्यार और दर्द क्या होगा !
तू ही बता खुदा मुझे इससे
ज्यादा याद क्या होगा !!




कुन्दन मिश्रा
संतनगर,सहरसा
2 Responses
  1. वाह!!! बहुत बढ़िया | आनंदमय | आभार

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
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