शब्द के रंग हैं
कुछ
बोलते नहीं

लेकिन...
आँखों में
बस जाते हैं

नन्हें संकेत में
सृजन के
अनगिनत
अध्याय लिखते हुए ..





डॉ सुनीता, सहायक प्रोफ़ेसर
हंसराज कॉलेज, नई दिल्ली

5 Responses
  1. Unknown Says:

    वाह
    बहुत सुंदर...


  2. वाकई " शब्द " की अदभुत व्याख्या है। आपका अनोखा सृजन शब्द को नए रूप में परिभाषित कर रहा है। साधुवाद.


  3. वाकई " शब्द " की अदभुत व्याख्या है। आपका अनोखा सृजन शब्द को नए रूप में परिभाषित कर रहा है। साधुवाद.


  4. Unknown Says:

    सुंदर रचना है


  5. रचनाएँ बहुत ही अच्छी है


टिप्पणी पोस्ट करें