हमारा मधेपुरा हमारी जान..!

शिक्षा की यहाँ उज्ज्वल आस,
मानवता का यहाँ है वास,
एकता-अखंडता इसकी जान..
विश्वविद्यालय इसकी शान...
हमारा मधेपुरा हमारी जान..!

हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई,
मिलकर रहते सिक्ख-इसाई,
करते मिलकर अपना काम,
जग वाले लेते इसका नाम.
हमारा मधेपुरा हमारी जान..!

जन्मे यहाँ अनेक लाल,
बी.पी. मंडल, बी.एन.मंडल,
आदर्शों के आधार ये लाल.
विश्व पटल पर इनका नाम,
हमारा मधेपुरा हमारी जान..!

यहाँ पर है सिंघेश्वर धाम,
भक्तों के जो पालन हार,
यश है इनकी दूर-दूर तक,
सुफल मिली भक्तों को अब तक,
नहीं है बिगड़ा कोई काम,
हमारा मधेपुरा हमारी जान..!

उन्नीस सौ इक्कासी में आई बहार,
नौ मई इसका आधार,
कोसी को है इसपर गर्व.
क्योंकि यहाँ पर होते नेक काम,
हमारा मधेपुरा हमारी जान..!

आओ मिलकर काम करें हम,
जग में इसका करें हम नाम,
मन में ठाने आज ये बात,
नहीं बहुत ये भारी काम,
हमारा मधेपुरा हमारी जान..!


 श्रुति भारती लवली
 मधेपुरा.

1 Response
  1. लवली आपकी कविता पढ़कर तो मधेपुरा घूमने का दिल करने लगा | बहुत सुन्दर वर्णन किया आपने अपने जन्मस्थान का | बधाई |

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