पहले सेक्स में दर्द होना
मैंने सुना है कि यदि फोरप्ले अच्छा हो और पति-पत्नी मानसिक रूप से तैयार हों
तो यह जरूरी नहीं है कि पहली बार समागम पर दर्द हो ही, क्या यह सही है ?
पहली बार समागम पर अधिकतर महिलाओं को दर्द होता है. इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे- उचित मात्रा में स्राव न होने पर योनी का सूखापन. अच्छे फोरप्ले द्वारा इस समस्या से निपटा जा सकता है, क्योंकि इससे आपसी समझ व सहजता बढ़ती है, आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे सम्भोग में दर्द नहीं होता. इसके अलावा योनि का अत्यधिक संकुचित होना भी एक कारण है. परन्तु बार-बार अभ्यास से यह संकुचन कम होकर दर्द से राहत मिल जाती है.



हस्तमैथुन से जननांग ढीले
मैं कई सालों से महीने में एक-दो बार हस्तमैथुन करती थी. पर मुझे डर है कि कहीं इससे मेरे जननांग ढीले न पड़ गए हों और मेरे पति को कहीं ये गलतफहमी न हो जाए कि मेरे पहले से किसी से सम्बन्ध थे.
यह सही है कि हस्तमैथुन से जननांग थोड़े ढीले होते हैं और वो भी गलत ढंग से हस्तमैथुन करने पर होते हैं. लेकिन इतने भी ढीले नहीं होते कि आपके पति को पता चल जाए. जहाँ तक आपका मामला है तो आप एक सीमा में ही यह करती आई हैं, अत: आपको इसका फायदा यह होगा कि आपको सेक्स की थोड़ी प्रैक्टिस मिल गई है, इसलिए पहली बार सम्भोग में आपको तकलीफ नहीं होगी. बहुत सी महिलायें जो हस्तमैथुन नहीं करती हैं, उन्हें पहली रात को काफी दर्द का अनुभव होता है. अत: घबराने की कोई बात ही नहीं है.




पति को पूर्व सम्बन्ध के बारे में पता न चल जाए !
मैं एक लड़के से प्यार करती थी. हमारे शारीरिक सम्बन्ध भी थे. पर अब उसने मुझे यह कहकर छोड़ दिया कि मैं वर्जिन नहीं थी, क्योंकि पहली बार सेक्स करने पर मुझे ब्लीडिंग नहीं हुई थी. अब मेरी शादी किसी और से होने वाली है. क्या मेरे योनिमार्ग के ढीलेपन से वह जान जायेंगे कि मेरे किसी से सम्बन्ध थे ?
ब्लीडिंग का वर्जिनिटी से कोई सम्बन्ध नहीं होता. आपकी झिल्ली खेल-कूद व व्यायाम के दौरान भी फट सकती है, जिस वजह से पहली बार इंटरकोर्स पर ब्लीडिंग नहीं हुई. आपके होने वाले पति तब तक आपके पूर्व संबंधों के बारे में नहीं जान सकते जब तक कि आप खुद उन्हें न बताएं या किसी और से उन्हें पता न चल जाए. योनि में ढीलापन हस्तमैथुन से भी आ सकता है. अत: घबराने की बात नहीं.


सेक्स में संतुष्टि नहीं
एक सहकर्मी से मेरा अफेयर है. हम दोनों एक-दूसरे से शारीरिक सम्बन्ध बना चुके हैं. लेकिन सेक्स में हमें संतुष्टि नहीं मिल पाती है. कहीं यह डर और घबराहट के कारण तो नहीं हो रहा है ?
शादी के पहले सेक्स करने पर अक्सर लोगों को कई नकारात्मक भावनाएं घेर लेती हैं. जैसे- डर, व्यग्रता, घबराहट, शर्मिंदगी, ग्लानि आदि. और यही सब मनोभाव सेक्स को आनंददायक नहीं बना पाते हैं.



क्या मोटापा सेक्स में बाधक है ?
मैं थोड़ी मोटी हूँ और मेरी शादी जल्दी होने वाली है. मैंने सुना है कि मोटी लड़कियां अपने पति को सेक्स सुख नहीं दे पातीं. क्या यह सच है ?
सेक्स का वजन से कोई सम्बन्ध नहीं होता है. मोटा इंसान भी सेक्स का उतना ही आनंद ले सकता है, जितना कि सामान्य वजन वाला इंसान. सेक्स सम्बन्ध स्थापित करने के लिए एक दूसरे की इच्छा व पसंद के बारे में जानना ज्यादा आवश्यक है. कुछ लोग मोटी लड़कियों को ज्यादा पसंद करते हैं तो कुछ स्लिम-ट्रिम को. इसलिए आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.



पीरियड्स के टाइम सेक्स की इच्छा
मुझे मासिक धर्म के दौरान सेक्स की बहुत इच्छा होती है. क्या ऐसे समय सेक्स करना सुरक्षित होता है ?
वैज्ञानिक और स्वास्थ्य के नजरिये से देखा जाय तो ऐसे समय संभोग करने से किसी तरह का नुकसान नहीं होता. हाँ, यह असुविधाजनक हो सकता है. मासिक धर्म के दौरान कई महिलाओं में संभोग की इच्छा तीव्र होती है. मासिक धर्म के पहले और दूसरे दिन रक्तस्राव अधिक होने से असुविधा का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए उचित होगा कि तीसरे दिन संभोग किया जाए. पहले दो दिन स्राव भी अधिक होता है, सेक्स के बाद यह स्राव और बढ़ सकता है. हाँ, यह बात अलग है कि स्राव बढ़ने के कारण मासिक जल्दी खत्म हो जाता है, लेकिन परेशानी तो होती ही है. असुविधा से बचने के लिए पुरुषों को कंडोम का प्रयोग करना चाहिए. यदि माहवारी के समय आप दोनों को कोई असुविधा न होती हो तो आप सेक्स कर सकती हैं.


छूने मात्र से उत्तेजित
मेरी जल्द शादी होने वाली है. जब कभी अपने मंगेतर के साथ अकेले में घूमती-फिरती हूँ, तब उसके छूने मात्र से काफी उत्तेजित हो जाती हूँ. अपनी भावनाओं पर मुश्किल से नियंत्रण रख पाती हूँ. कहीं मेरे मंगेतर मुझे गलत तो नहीं समझेंगे ?
जिस तरह भूख, प्यास, सोना आदि हमारे जीवन का जरूरी हिस्सा है, उसी तरह सेक्सुअल डिजायर भी है. आप इसे लेकर ग्लानि न महसूस करें, न ही खुद के मन में हीनभावना को पनपने दें. आपका उत्तेजित होना एक नेचुरल प्रक्रिया है. दरअसल हमारी शारीरिक रचना और कुछ हद तक हार्मोन्स के कारण ऐसा होता है. आपके मंगेतर भी आपकी भावनाओं को समझते होंगे, अत: मन में किसी प्रकार की असमंजसता को न पनपने दें.
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