मैं निस्वार्थ, निष्पक्ष...
दूँगी साथ तेरा
क्योंकि तुमसे ज्यादा
किसी पे भरोसा नहीं.
तुम्हारे हर किये गए
फैसले पे दूँगी साथ तेरा
क्योंकि मुझे तुम पर है
भरोसा कि तुम नहीं लोगे
कोई गलत फैसला.
तेरी हर एक राह पर
चलूंगी साथ तेरे
चाहे वह राह क्यों न हो
कांटो से भरे.
मैं दूँगी साथ तेरा.

जब जहाँ से हो जाओगे निराश
तो कर लेना तुम मुझे याद,
मैं मिलूंगी हर एक
तुम्हारी यादों में
क्योंकि तुमसे ज्यादा
किसी पर भरोसा नहीं.

मैं करती हूँ आज तुमसे वादा,
नहीं छोड़ेंगे साथ कभी
चाहे आये कितनी भी
मुसीबत कभी...
मैं दूँगी साथ तेरा...
क्योंकि तुमसे ज्यादा
किसी पर भरोसा नहीं.

ब्यूटी यादव, 
मधेपुरा
1 Response
  1. इस मतलबी दुनिया में हर कोई सच्चा नहीं होता. .किसी पे डूब कर भरोसा करना अच्छा नहीं होता. . .


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