किसी को न पाने का दर्द
होता हैं कुछ कम
पर पाकर खोना
देता हैं अथाह गम .

मेरी जिंदगी  में तेरा आना
हुआ एक ख्वाब की तरह
पर यूं मझधार  में छोरकर जाना
अब हैं दु:स्वप्न की  तरह .

कि अब लौट आओ
हुई तेरे बिन जिंदगी उदास
मत जाना कभी दूर
रहना हरदम पास.

लगता है अब
सब्र की इन्तहां हो गईं
ए जिंदगी तू
क्यों बेवफा हो गईं???


राकेश सिंह, (मधेपुरा, बिहार, इंडिया)
1 Response
  1. jyoti khare Says:

    बहुत सुन्दर और भावुक रचना ----
    उत्कृष्ट प्रस्तुति
    सादर ----

    आग्रह है मेरे ब्लॉग में सम्मलित हों
    कृष्ण ने कल मुझसे सपने में बात की -------


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