क्या फायदा है पुरानी बात दोहराने का !
ना ही वो तुम रही ना ही मै वो हो सकता हूँ !!
क्या फायदा होगा ऐसे मे तुम सोचो तो जरा !
मेरी जिंदगी मे तेरा लौट के फिर आने का !!
तुम हिचकियो का ही इंतजार करती रही हमेशा !
मुझसे पूछा कभी क्या वक्त है तेरी याद आने का!!
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गले मे अटकी है ना जाने कितनी आवाजें !
मुझे खामोश ही रहने दे ये वक्त नही है गाने का !!
खुश हूँ मै अपने सुखे हुऐ आंसुओ के साथ !
तुम्हे हक नही है मुझे फिर से यूं रुलाने का !!
बदल गया हूँ मै तेरी तरह वक्त के हाथो !
बहुत खाया धोखा अब मन नही है खाने का !!
कर लिया समझौता ग़मों ने खुशियो के साथ !
फर्क नही पडेगा मुझे तेरा अब तड़पाने का !!!!!
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दिल के रेत पर तुम पाँव भिगोकर आई हो !
तरीका ठीक नही लगता ये प्यास बुझाने का !!
मेरी तरह कभी कच्चा घड़ा लेकर उतरना तुम !
मजा और है दिल दरिया मे डूब के मर जाने का !!
बंद कर बकवास अपनी *राज*मर्जी उनकी है !
खोल तू आंखे फायदा नही है ख्वाब सजाने का !!!


राजेश तंवर (राज)
फोन नः 09953339657
पताः 206 ईसापुर नई दिल्ली 110073
3 Responses
  1. GiriArts Says:

    वाह वाह ..बहुत ही उम्दा लिखा है आपने राजेश भाई ...बहुत खूब ..!!!


  2. Jai Bhardwaj Says:

    छा गए तंवर बन्धु !!



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