धड़कन भी धड़क रही है...........!!!
हाथो में महेंदी लगी है....                        
कलाइयों में हरी चूड़ियाँ भी सजी है,
फिर लगी सावन की झड़ी है.....
कि हर आहट पर....
धड़कन भी धड़क रही है.......!!!

फिर किसी की याद में,
आइना सामने रख कर....
हर गोरी सज संवर रही है.....
कभी खुद में ही शरमा कर सिमट रही है....
पल-पल किसी के प्यार में,
टूट कर बिखर रही है..........!!!
कि हर आहट पर धड़कन भी धड़क रही है...........!!!

वो लबो से कुछ कहे न कहे,
उसकी पायल की झंकार,
उसकी आखों में बसा काजल में प्यार.....
चूड़ियों की खनक,
कह रही बहुत कुछ,
वो बिंदियाँ की चमक..........
कि अब प्यार खुशबू,
उसकी साँसों में उतर रही है....................!!!
कि हर आहट पर धड़कन भी धड़क रही है............!!!


सुषमा 'आहुति'
कानपुर.
5 Responses

  1. हर आहट पर धड़कन भी धड़क रही है............!!!
    khubsurat abhivyakti
    God Bless U



  2. vandana Says:

    खूबसूरत रचना



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